🗺️ अभियान: तैरने वाली झील: लोकतक और इसके जादुई द्वीप 🚣
भूमि और कहानी: एक ऐसी झील की कल्पना करें जहाँ द्वीप वास्तव में पानी पर चलते और तैरते हैं! यह जादुई जगह भारत के मणिपुर में मौजूद है, और इसे लोकतक झील कहा जाता है। इन तैरते हुए द्वीपों को 'फुमडी' कहा जाता है, और ये मिट्टी, पौधों और कार्बनिक पदार्थों की एक मोटी चादर से बने होते हैं। वे इतने मजबूत होते हैं कि लोग उन पर अपने घर भी बना लेते हैं! झील में सबसे बड़ी फुमडी केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान का घर है, जो पूरी दुनिया में एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है। यह उद्यान संगाई का विशेष घर है, जो एक सुंदर हिरण है जिसे 'नाचने वाला हिरण' भी कहा जाता है क्योंकि यह नरम, स्पंजी फुमडी पर चलते समय ऐसा लगता है जैसे वह नाच रहा हो। स्थानीय मछुआरे इन तैरते द्वीपों के बीच के चैनलों के माध्यम से नेविगेट करने के लिए पारंपरिक नावों का उपयोग करते हैं। झील पर जीवन बहुत अनूठा है, क्योंकि हर कोई अपने भोजन और घरों के लिए पानी पर निर्भर है। जब सूरज डूबता है, तो झील रंगीन आकाश को प्रतिबिंबित करने वाले एक विशाल दर्पण की तरह दिखती है, जिसमें फुमडी चारों ओर हरे पैनकेक की तरह बिखरे होते हैं!
💡 बड़ा शब्द: फुमडी (Phumdi) - विशेष रूप से लोकतक झील में पाए जाने वाले वनस्पति, मिट्टी और कार्बनिक पदार्थों का एक तैरता हुआ ढेर।
🌍 संरक्षण कोना: झील के पानी को साफ रखने के स्थानीय प्रयासों का समर्थन करें ताकि संगाई हिरण और अन्य जानवरों के पास रहने के लिए एक स्वस्थ घर हो।
🌍 ज्ञान जाँच:
- लोकतक झील में तैरते द्वीपों को क्या कहा जाता है?
- किस दुर्लभ जानवर को लोकतक झील के 'नाचने वाले हिरण' के रूप में जाना जाता है?